Wednesday, September 1, 2021

                          तुम जितने ऊँचे उठते जाओगे , 

      दुनिया को देखने का तुम्हारा नजरिया उतना ही साफ़ होता जायेगा। 

 

ऊँचा उठने का अर्थ यहाँ पे खूब पैसे कमाने से नहीं है बल्कि आत्मबल  और मन शुद्धि से है। 



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ज़िंदगी जी  किस आधार पर रहे हो? जीवन में भी कोई विशेष कर्म पाप नहीं कहला सकता और कोई विशिष्ट कर्म पुण्य भी नहीं कहला सकता।  सही -गलत का ,अच्छ...