दूसरे मुझ पर धौंस जमाते है -कभी लोग तो कभी परिस्थितिया हावी हो जाते है
निश्चित ही आपको किसी बात का लालच है जिसका उपयोग करके कोई आप पर हावी हो जाता है। निश्चित रूप से आपको कोई लालच है !और वो सामने वाला जानता है की आपको क्या लालच है। आप वो लालच हटा लीजिये वो व्यक्ति आप पर हावी नहीं हो पायेगा। कोई परिस्थिति हावी नहीं हो पायेगी। समाज में,संसार में बड़े से बड़ा आप पर हावी नहीं हो पायेगा।
हम जो बार बार अपनी असमर्थता का,दयनीयता का रोना रोते है वो कुछ नहीं है। हम एक बड़ा दोहरा खेल खेलना चाहते है :हम कहते है की हमारा लालच भी बरक़रार रहे और हम गुलाम भी न बना रहे। ये अस्तित्व के नियमो के खिलाफ मांग कर रहे है आप।
जहा लालच है ,वहा गुलामी होगी !
जिसको गुलामी छोड़नी है ,उसको लालच छोड़ना पड़ेगा। अगर आप पा रहे है की आप बार बार गुलाम बन जाते है तो देखिये क्या लालच है। उस लालच को हटा दीजिये और आपने गुलामो को हटा दिया।
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