जहरीला घूंट
दिन -रात ये जो जहरीला मिश्रण हमारे दिमाग में घोला जा रहा है ,उसके विरुद्ध बिलकुल उठ खड़े हो !
वरना पाओगे की जीवन भर वही हाल रहेगा की अकेले चलने में डर लगता है।
डर तो लगेगा ही न ,क्युकी सुबह से शाम तक एक ही घुट्टी पिलाई जा रही -सड़क पर ,स्कूल में ,कॉलेज में ,घर में ,टीवी में,की कोई हमसे ऐसा बात करे तो हमारा सम्मान हुआ ,कोई हमारे लिए ये करे तो हमसे प्यार हुआ। टीवी से ,मीडिया से ,घर से हमें जो विचार ,शब्द मिल रहे है बस उसी के आधार पर हम अपना जीवन चला रहे है। और वास्तव में ये बाहरी मिट्टी -बाहरी शब्द -विचार हटा दे तो हम हीरे है फिर इस हीरे को चमकने के लिए बाहरी कोई चीज़ की जरूरत नहीं।
खासकर मैं एक बात अनुभव से बोलना चाहूंगा की टीवी में एक सीरियल आती है -''सावधान इंडिया ''ये सीरियल घटना के माध्यम से सतर्क रहना सिखाते है लेकिन हम कई लोग उसे पूरा जीवन ही मान लेते है और हमें पता भी नहीं चलता की मनोरंजन के चक्कर में वो कब मन में घर कर गया फिर कोई आपको थोड़ा सा गुस्सा किये या गुस्से में थोड़ा सा भी शब्दों का उलटफेर हुआ तो समझेंगे ये मुझे धमकी दे रहे है। और टीवी ,मीडिया के कारण आज हर घर में सावधान इंडिया की घटना घटित हो रहा है ,
हमारा खुद की कोई निजता नहीं है। कोई हमारी हर सही ,गलत में हमारे साथ हामी भरे तो वो इंसान हमारे लिए सबसे प्रिय हो जाते है लेकिन सावधान रहे ऐसे लोग से क्युकी आपको जो गलत में आपको सच से परिचित न कराये वो हितैषी आपका नहीं हो सकता और दूसरी चीज़ हम सभी बाहरी शब्द ,विचार को ही सही मानकर चल रहे वो हमें क्या सही गलत बताएंगे।बाहरी चीज़ो से प्रभावित होना छोड़े क्युकी आप फिर हीरा है।

3 comments:
बात सही है यही हो रहा है लोग टीवी को जीवन बना रहे है
V good sir
Good
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