क्या कारण है की दुनिया समझ नहीं आती ?
जब आप के भीतर
घमासान नहीं मचा होता
तो दुनिया को जानना
बड़ा सहज हो जाता है।
और यदि दुनिया को आप
नहीं जान पा रहे है
तो साफ़ समझिये की
आपके भीतर बड़ा
घमासान मचा हुआ है। https://jkverma1988.blogspot.com
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जब आप के भीतर
घमासान नहीं मचा होता
तो दुनिया को जानना
बड़ा सहज हो जाता है।
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तो साफ़ समझिये की
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ज़िंदगी जी किस आधार पर रहे हो? जीवन में भी कोई विशेष कर्म पाप नहीं कहला सकता और कोई विशिष्ट कर्म पुण्य भी नहीं कहला सकता। सही -गलत का ,अच्छ...
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